Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 12.357.11: जब सर्पराज यहाँ आएँ, तब तुम उनसे शांतिपूर्वक कहना कि मैं यहाँ आया हूँ। तुम उनसे कुछ ऐसा कहना जिससे वे मेरे पास आएँ और मुझे दर्शन दें। ॥11॥   |   mahabharat अध्याय 12.357: नागपत्नीके द्वारा ब्राह्मणका सत्कार और वार्तालापके बाद ब्राह्मणके द्वारा नागराजके आगमनकी प्रतीक्षा   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 357: नागपत्नीके द्वारा ब्राह्मणका सत्कार और वार्तालापके बाद ब्राह्मणके द्वारा नागराजके आगमनकी प्रतीक्षा  »  श्लोक 11
 
 
श्लोक  12.357.11 
सम्प्राप्तस्यैव चाव्यग्रमावेद्योऽहमिहागत:।
ममाभिगमनं प्राप्तो वाच्यश्च वचनं त्वया॥ ११॥
 
 
अनुवाद
जब सर्पराज यहाँ आएँ, तब तुम उनसे शांतिपूर्वक कहना कि मैं यहाँ आया हूँ। तुम उनसे कुछ ऐसा कहना जिससे वे मेरे पास आएँ और मुझे दर्शन दें। ॥11॥
 
When the King of Snakes comes here, you should tell him calmly that I have come here. You should tell him something so that he comes near me and gives me darshan. ॥ 11॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)