Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.356.6-7: विद्वान्! आप जैसा परामर्श दे रहे हैं, मैं वैसा ही करूँगा। साधु! सूर्यदेव का अस्त होने वाला है। उनकी किरणें मंद पड़ गई हैं; अतः आप आज रात मेरे पास रुककर सुखपूर्वक विश्राम करें और अपनी थकान भली-भाँति दूर करें; फिर प्रातःकाल आप अपने इच्छित स्थान पर जाएँगे। | mahabharat अध्याय 12.356: अतिथिके वचनोंसे संतुष्ट होकर ब्राह्मणका उसके कथनानुसार नागराजके घरकी ओर प्रस्थान । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
बाढमेवं करिष्यामि यथा मे भाषते भवान्।
इमां हि रजनीं साधो निवसस्व मया सह॥ ६॥
प्रभाते यास्यति भवान् पर्याश्वस्त: सुखोषित:।
असौ हि भगवान् सूर्यो मन्दरश्मिरवाङ्मुख:॥ ७॥
अनुवाद
विद्वान्! आप जैसा परामर्श दे रहे हैं, मैं वैसा ही करूँगा। साधु! सूर्यदेव का अस्त होने वाला है। उनकी किरणें मंद पड़ गई हैं; अतः आप आज रात मेरे पास रुककर सुखपूर्वक विश्राम करें और अपनी थकान भली-भाँति दूर करें; फिर प्रातःकाल आप अपने इच्छित स्थान पर जाएँगे।
Scholar! I will definitely do as you are advising me. Sadhu! The Sun God is going towards sunset. His rays have become dim; therefore you stay here with me tonight and take a comfortable rest and remove your tiredness properly; then in the morning you will go to your desired destination. 6-7.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥