Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.356.1: ब्राह्मण बोला, "अतिथिदेव! मैं बहुत भारी बोझ ढो रहा था, आज आपने मुझे उससे मुक्त कर दिया। यह बहुत बड़ी उपलब्धि है। मैंने आपसे जो कुछ सुना है, उससे दूसरों को पूर्ण सान्त्वना मिलेगी।" | mahabharat अध्याय 12.356: अतिथिके वचनोंसे संतुष्ट होकर ब्राह्मणका उसके कथनानुसार नागराजके घरकी ओर प्रस्थान । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
ब्राह्मण उवाच
अतिभारोऽद्य तस्यैव भारावतरणं महत्।
पराश्वासकरं वाक्यमिदं मे भवत: श्रुतम्॥ १॥
अनुवाद
ब्राह्मण बोला, "अतिथिदेव! मैं बहुत भारी बोझ ढो रहा था, आज आपने मुझे उससे मुक्त कर दिया। यह बहुत बड़ी उपलब्धि है। मैंने आपसे जो कुछ सुना है, उससे दूसरों को पूर्ण सान्त्वना मिलेगी।"
The Brahmin said, "Atithidev! I was carrying a very heavy burden, today you have relieved me of it. This is a great achievement. What I have heard from you will provide complete solace to others."
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥