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mahabharat 12.355.7: तुम उसके पास जाओ और उससे उचित रीति से अपना इच्छित प्रश्न पूछो। वह तुम्हें उत्तम धर्म बताएगा, मिथ्या धर्म का उपदेश नहीं देगा। ॥7॥   |   mahabharat अध्याय 12.355: अतिथिद्वारा नागराज पद्मनाभके सदाचार और सद्‍गुणोंका वर्णन तथा ब्राह्मणको उसके पास जानेके लिये प्रेरणा   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 355: अतिथिद्वारा नागराज पद्मनाभके सदाचार और सद्‍गुणोंका वर्णन तथा ब्राह्मणको उसके पास जानेके लिये प्रेरणा  »  श्लोक 7
 
 
श्लोक  12.355.7 
तमतिक्रम्य विधिना प्रष्टुमर्हसि काङ्क्षितम्।
स ते परमकं धर्मं न मिथ्या दर्शयिष्यति॥ ७॥
 
 
अनुवाद
तुम उसके पास जाओ और उससे उचित रीति से अपना इच्छित प्रश्न पूछो। वह तुम्हें उत्तम धर्म बताएगा, मिथ्या धर्म का उपदेश नहीं देगा। ॥7॥
 
You should go to him and ask him your desired question in a proper manner. He will show you the best of religion; he will not preach false religion. ॥ 7॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)