Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.355.5: द्विजश्रेष्ठ! पद्म मन, वाणी और कर्म से कर्म, उपासना और ज्ञान इन तीनों मार्गों का आश्रय लेता है और समस्त प्राणियों को सुखी रखता है॥5॥ | mahabharat अध्याय 12.355: अतिथिद्वारा नागराज पद्मनाभके सदाचार और सद्गुणोंका वर्णन तथा ब्राह्मणको उसके पास जानेके लिये प्रेरणा । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
स वाचा कर्मणा चैव मनसा च द्विजर्षभ।
प्रसादयति भूतानि त्रिविधे वर्त्मनि स्थित:॥ ५॥
अनुवाद
द्विजश्रेष्ठ! पद्म मन, वाणी और कर्म से कर्म, उपासना और ज्ञान इन तीनों मार्गों का आश्रय लेता है और समस्त प्राणियों को सुखी रखता है॥5॥
Dwijshreshtha! Padma takes shelter in the three paths of action, worship and knowledge through mind, speech and actions and keeps all the beings happy. 5॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥