Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.355.2-3: हे ब्राह्मणश्रेष्ठ! पूर्व कल्प में जहाँ प्रजापति ने धर्मचक्र प्रवर्तन किया था, जहाँ सम्पूर्ण देवताओं ने यज्ञ किये थे और जहाँ राजाओं में श्रेष्ठ मान्धाता ने यज्ञों में इन्द्र को भी पीछे छोड़ दिया था, उस नैमिषारण्य में गोमती नदी के तट पर नागपुर नामक नगर है। | mahabharat अध्याय 12.355: अतिथिद्वारा नागराज पद्मनाभके सदाचार और सद्गुणोंका वर्णन तथा ब्राह्मणको उसके पास जानेके लिये प्रेरणा । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हे ब्राह्मणश्रेष्ठ! पूर्व कल्प में जहाँ प्रजापति ने धर्मचक्र प्रवर्तन किया था, जहाँ सम्पूर्ण देवताओं ने यज्ञ किये थे और जहाँ राजाओं में श्रेष्ठ मान्धाता ने यज्ञों में इन्द्र को भी पीछे छोड़ दिया था, उस नैमिषारण्य में गोमती नदी के तट पर नागपुर नामक नगर है।
O best of the Brahmins! In the previous Kalpa, where Prajapati had started the wheel of Dharma, where all the gods had performed yajnas and where Mandhaata, the best of the kings, had surpassed even Indra in performing yajnas, in that Naimisharanya, on the banks of the Gomati river, there is a city called Nagpur. 2-3.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥