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श्लोक  12.353.8 
तस्यैवं खिद्यमानस्य धर्मं परममास्थित:।
कदाचिदतिथि: प्राप्तो ब्राह्मण: सुसमाहित:॥ ८॥
 
 
अनुवाद
एक दिन, जब वह इस कष्ट की स्थिति में था, एक बहुत ही धर्मपरायण और एकाग्र ब्राह्मण उसके यहाँ अतिथि बनकर आया।
 
One day, when he was in this state of distress, a very pious and concentrated Brahmin arrived at his place as a guest.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)