Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.351.4: वे मेरे, तुम्हारे तथा समस्त देहधारी जीवों के अन्तर्यामी हैं। वे सबके साक्षी भगवान श्रीहरि किसी के द्वारा पकड़े नहीं जा सकते ॥4॥ | mahabharat अध्याय 12.351: ब्रह्मा और रुद्रके संवादमें नारायणकी महिमाका विशेषरूपसे वर्णन । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
ममान्तरात्मा तव च ये चान्ये देहिसंज्ञिता:।
सर्वेषां साक्षिभूतोऽसौ न ग्राह्य: केनचित् क्वचित् ॥ ४॥
अनुवाद
वे मेरे, तुम्हारे तथा समस्त देहधारी जीवों के अन्तर्यामी हैं। वे सबके साक्षी भगवान श्रीहरि किसी के द्वारा पकड़े नहीं जा सकते ॥4॥
He is the inner soul of me, you and all other living beings with embodied names. The Supreme Personality of Godhead Shri Hari, the witness of all, cannot be caught by anyone. ॥ 4॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥