Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.351.3: यद्यपि वे स्थूल, सूक्ष्म और कारण इन तीनों शरीरों से रहित हैं, फिर भी वे समस्त शरीरों में निवास करते हैं और उन शरीरों में रहते हुए भी उनके कर्मों से कभी प्रभावित नहीं होते ॥3॥ | mahabharat अध्याय 12.351: ब्रह्मा और रुद्रके संवादमें नारायणकी महिमाका विशेषरूपसे वर्णन । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
अशरीर: शरीरेषु सर्वेषु निवसत्यसौ।
वसन्नपि शरीरेषु न स लिप्यति कर्मभि:॥ ३॥
अनुवाद
यद्यपि वे स्थूल, सूक्ष्म और कारण इन तीनों शरीरों से रहित हैं, फिर भी वे समस्त शरीरों में निवास करते हैं और उन शरीरों में रहते हुए भी उनके कर्मों से कभी प्रभावित नहीं होते ॥3॥
Even though He is devoid of the three bodies, the gross, subtle and causal, He resides in all the bodies and even while residing in those bodies He is never affected by their actions. ॥ 3॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥