श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 351: ब्रह्मा और रुद्रके संवादमें नारायणकी महिमाका विशेषरूपसे वर्णन  »  श्लोक 22
 
 
श्लोक  12.351.22 
चतुर्विभक्त: पुरुष: स क्रीडति यथेच्छति।
एवं स भगवान् स्वेन ज्ञानेन प्रतिबोधित:॥ २२॥
 
 
अनुवाद
वसुदेव आदि चार समूहों में विभक्त परमेश्वर अपनी इच्छानुसार क्रीड़ा करता है। इस प्रकार वह परमेश्वर अपने ही ज्ञान से जाना जाता है ॥22॥
 
The Supreme Being, who is divided into the four groups of Vasudeva and others, plays according to his desire. In this manner, the Supreme Being comes to be known by his own knowledge. ॥22॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)