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mahabharat 12.351.20: सब देवता और शान्त स्वभाव वाले ऋषिगण यज्ञवेदी में आहुति देकर उनकी पूजा करते हैं। मैं, समस्त प्राणियों का आदिदेव ब्रह्मा, उसी परमेश्वर से उत्पन्न हुआ हूँ और तुम मुझसे उत्पन्न हुए हो॥ 20॥   |   mahabharat अध्याय 12.351: ब्रह्मा और रुद्रके संवादमें नारायणकी महिमाका विशेषरूपसे वर्णन   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 351: ब्रह्मा और रुद्रके संवादमें नारायणकी महिमाका विशेषरूपसे वर्णन  »  श्लोक 20
 
 
श्लोक  12.351.20 
देवा: सर्वे मुनय: साधु शान्ता-
स्तं प्राग्वंशे यज्ञभागैर्यजन्ते।
अहं ब्रह्मा आद्य ईश: प्रजानां
तस्माज्जातस्त्वं च मत्त: प्रसूत:॥ २०॥
 
 
अनुवाद
सब देवता और शान्त स्वभाव वाले ऋषिगण यज्ञवेदी में आहुति देकर उनकी पूजा करते हैं। मैं, समस्त प्राणियों का आदिदेव ब्रह्मा, उसी परमेश्वर से उत्पन्न हुआ हूँ और तुम मुझसे उत्पन्न हुए हो॥ 20॥
 
All the gods and the sages with a calm nature worship Him in the sacrificial altar by offering sacrifices. I, Brahma, the original God of all beings, have originated from that Supreme Being and you have originated from me.॥ 20॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)