श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 351: ब्रह्मा और रुद्रके संवादमें नारायणकी महिमाका विशेषरूपसे वर्णन  »  श्लोक 14
 
 
श्लोक  12.351.14 
तत्र य: परमात्मा हि स नित्यं निर्गुण: स्मृत:।
स हि नारायणो ज्ञेय: सर्वात्मा पुरुषो हि स:॥ १४॥
 
 
अनुवाद
इनमें स्थित परमेश्वर सदा निर्गुण माना गया है। उसे नारायण नाम से जानना चाहिए। वह परमात्मा है। 14॥
 
The God present in these is always considered to be without any qualities. He should be known by the name Narayan. He is the Supreme Soul. 14॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)