Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.350.27: जो लोग साधना के द्वारा गुणों से परे चले जाते हैं, वे ही उस विराट् स्वरूप में, उस अनन्त महान्, सनातन और निर्गुण परब्रह्म में प्रवेश करते हैं ॥27॥ | mahabharat अध्याय 12.350: वैजयन्त पर्वतपर ब्रह्मा और रुद्रका मिलन एवं ब्रह्माजीद्वारा परम पुरुष नारायणकी महिमाका वर्णन । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जो लोग साधना के द्वारा गुणों से परे चले जाते हैं, वे ही उस विराट् स्वरूप में, उस अनन्त महान्, सनातन और निर्गुण परब्रह्म में प्रवेश करते हैं ॥27॥
Those who go beyond qualities through spiritual practice, they alone enter into that cosmic form, the infinitely great, eternal and attributeless Supreme Being. ॥27॥
इति श्रीमहाभारते शान्तिपर्वणि मोक्षधर्मपर्वणि नारायणीये ब्रह्मरुद्रसंवादे पञ्चाशदधिकत्रिशततमोऽध्याय:॥ ३५०॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत शान्तिपर्वके अन्तर्गत मोक्षधर्मपर्वमें नारायणकी महिमाके प्रसंगमें ब्रह्मा तथा रुद्रका संवादविषयक तीन सौ पचासवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ ३५०॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥