Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.350.20-21: आप किस कारण से उस महान धाम को छोड़कर, जो भूख-प्यास से रहित है, जहाँ देवता, दानव, अत्यंत तेजस्वी ऋषिगण, गन्धर्व और अप्सराओं के समूह निरन्तर आपकी सेवा में उपस्थित रहते हैं, अकेले ही इस महान पर्वत पर आये हैं?॥ 20-21॥ | mahabharat अध्याय 12.350: वैजयन्त पर्वतपर ब्रह्मा और रुद्रका मिलन एवं ब्रह्माजीद्वारा परम पुरुष नारायणकी महिमाका वर्णन । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
आप किस कारण से उस महान धाम को छोड़कर, जो भूख-प्यास से रहित है, जहाँ देवता, दानव, अत्यंत तेजस्वी ऋषिगण, गन्धर्व और अप्सराओं के समूह निरन्तर आपकी सेवा में उपस्थित रहते हैं, अकेले ही इस महान पर्वत पर आये हैं?॥ 20-21॥
What is the reason that you have left that great abode, which is free from hunger and thirst, where the gods, demons, extremely radiant sages, Gandharvas and groups of Apsaras are constantly present in your service, and have come alone to this great mountain?॥ 20-21॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥