Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.350.13-14: ब्रह्माजी को अपने सम्मुख देखकर वे अत्यन्त प्रसन्न हुए और उनके दोनों चरणों में सिर झुकाकर प्रणाम किया। भगवान शिव को अपने चरणों में लेटे हुए देखकर उस समय एकमात्र सर्वशक्तिमान भगवान प्रजापति ने उन्हें अपने दाहिने हाथ से उठा लिया और बहुत देर के बाद अपने निकट आये हुए पुत्र से इस प्रकार कहा॥13-14॥ | mahabharat अध्याय 12.350: वैजयन्त पर्वतपर ब्रह्मा और रुद्रका मिलन एवं ब्रह्माजीद्वारा परम पुरुष नारायणकी महिमाका वर्णन । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
ब्रह्माजी को अपने सम्मुख देखकर वे अत्यन्त प्रसन्न हुए और उनके दोनों चरणों में सिर झुकाकर प्रणाम किया। भगवान शिव को अपने चरणों में लेटे हुए देखकर उस समय एकमात्र सर्वशक्तिमान भगवान प्रजापति ने उन्हें अपने दाहिने हाथ से उठा लिया और बहुत देर के बाद अपने निकट आये हुए पुत्र से इस प्रकार कहा॥13-14॥
He was very happy to see Brahmaji in front of him and he bowed his head at both his feet and paid obeisance. Seeing Lord Shiva lying at his feet, at that time the only almighty Lord Prajapati picked him up with his right hand and after a long time said this to his son who had come near him. 13-14॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥