Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.35.8: यदि कोई व्यक्ति प्रति माह अपने आहार में परिवर्तन करके अत्यंत कठोर कृच्छ्रव्रत के अनुसार भोजन करे, तो उसे एक वर्ष में ही ब्रह्महत्या से मुक्ति मिल सकती है। इसमें कोई संदेह नहीं है। राजन! इसी प्रकार यदि एक ही व्यक्ति उपवास करे, तो वह थोड़े समय में ही शुद्ध हो जाता है। 8॥ | mahabharat अध्याय 12.35: पापकर्मके प्रायश्चित्तोंका वर्णन । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
यदि कोई व्यक्ति प्रति माह अपने आहार में परिवर्तन करके अत्यंत कठोर कृच्छ्रव्रत के अनुसार भोजन करे, तो उसे एक वर्ष में ही ब्रह्महत्या से मुक्ति मिल सकती है। इसमें कोई संदेह नहीं है। राजन! इसी प्रकार यदि एक ही व्यक्ति उपवास करे, तो वह थोड़े समय में ही शुद्ध हो जाता है। 8॥
If one changes his diet every month and consumes food according to a very strict Krichchravrata, one can get rid of Brahmahatya within a year. There is no doubt in this. Rajan! Similarly, if there is only one person fasting, then he gets purified in a short time. 8॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥