Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.349.73: राजन्! सांख्य और योग ये दोनों सनातन शास्त्र तथा समस्त वेद भी निर्विवाद रूप से यही कहते हैं और समस्त ऋषियों ने भी कहा है कि यह आदि ब्रह्माण्ड भगवान नारायण के अतिरिक्त और कोई नहीं है। | mahabharat अध्याय 12.349: व्यासजीका सृष्टिके प्रारम्भमें भगवान् नारायणके अंशसे सरस्वतीपुत्र अपान्तरतमाके रूपमें जन्म होनेकी और उनके प्रभावकी कथा । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
सांख्यं च योगं च सनातने द्वे
वेदाश्च सर्वे निखिलेन राजन्।
सर्वै: समस्तैर्ऋषिभिर्निरुक्तो
नारायणो विश्वमिदं पुराणम्॥ ७३॥
अनुवाद
राजन्! सांख्य और योग ये दोनों सनातन शास्त्र तथा समस्त वेद भी निर्विवाद रूप से यही कहते हैं और समस्त ऋषियों ने भी कहा है कि यह आदि ब्रह्माण्ड भगवान नारायण के अतिरिक्त और कोई नहीं है।
King! The two eternal scriptures Sankhya and Yoga as well as all the Vedas say this indisputably and all the sages have also said that this ancient universe is none other than Lord Narayana. 72.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥