Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.349.71: जिनके संशय ज्ञान के बल से दूर हो गए हैं, उनके भीतर श्रीहरि सदैव निवास करते हैं; परंतु जो भ्रमवश तर्क करने के कारण संशय में पड़े हैं, उनके भीतर भगवान माधव निवास नहीं करते ॥ 71॥ | mahabharat अध्याय 12.349: व्यासजीका सृष्टिके प्रारम्भमें भगवान् नारायणके अंशसे सरस्वतीपुत्र अपान्तरतमाके रूपमें जन्म होनेकी और उनके प्रभावकी कथा । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जिनके संशय ज्ञान के बल से दूर हो गए हैं, उनके भीतर श्रीहरि सदैव निवास करते हैं; परंतु जो भ्रमवश तर्क करने के कारण संशय में पड़े हैं, उनके भीतर भगवान माधव निवास नहीं करते ॥ 71॥
Sri Hari always resides within those whose doubts have been dispelled by the power of knowledge; but Lord Madhava does not reside within those who are in doubt due to fallacious reasoning. ॥ 71॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥