vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Apps
About
Contact
श्री महाभारत
»
पर्व 12: शान्ति पर्व
»
अध्याय 349: व्यासजीका सृष्टिके प्रारम्भमें भगवान् नारायणके अंशसे सरस्वतीपुत्र अपान्तरतमाके रूपमें जन्म होनेकी और उनके प्रभावकी कथा
»
श्लोक 58
श्लोक
12.349.58
एवं सारस्वतमृषिमपान्तरतमं तथा।
उक्त्वा वचनमीशान: साधयस्वेत्यथाब्रवीत्॥ ५८॥
अनुवाद
सरस्वतीपुत्र महर्षि से ऐसा कहकर भगवान ने उन्हें विदा किया और कहा, 'जाओ, अपना कार्य करो।'
Thus saying to the great sage, the son of Saraswati, the Lord bid him farewell and said, 'Go, do your work.'
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
About Us
|
Contact Us
|
Privacy Policy
|
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×