श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 349: व्यासजीका सृष्टिके प्रारम्भमें भगवान् नारायणके अंशसे सरस्वतीपुत्र अपान्तरतमाके रूपमें जन्म होनेकी और उनके प्रभावकी कथा  »  श्लोक 58
 
 
श्लोक  12.349.58 
एवं सारस्वतमृषिमपान्तरतमं तथा।
उक्त्वा वचनमीशान: साधयस्वेत्यथाब्रवीत्॥ ५८॥
 
 
अनुवाद
सरस्वतीपुत्र महर्षि से ऐसा कहकर भगवान ने उन्हें विदा किया और कहा, 'जाओ, अपना कार्य करो।'
 
Thus saying to the great sage, the son of Saraswati, the Lord bid him farewell and said, 'Go, do your work.'
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)