Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.349.57: संसार में जो कुछ भी हो रहा है, वह सब मेरे ही प्रयत्नों का फल है। दूसरे लोग तो नाना प्रकार की बातें सोचते रहते हैं, परन्तु मैं अपनी इच्छानुसार स्वतन्त्रतापूर्वक कार्य करता हूँ।॥57॥ | mahabharat अध्याय 12.349: व्यासजीका सृष्टिके प्रारम्भमें भगवान् नारायणके अंशसे सरस्वतीपुत्र अपान्तरतमाके रूपमें जन्म होनेकी और उनके प्रभावकी कथा । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
संसार में जो कुछ भी हो रहा है, वह सब मेरे ही प्रयत्नों का फल है। दूसरे लोग तो नाना प्रकार की बातें सोचते रहते हैं, परन्तु मैं अपनी इच्छानुसार स्वतन्त्रतापूर्वक कार्य करता हूँ।॥57॥
“Whatever is happening in the world is the result of my efforts. Other people keep thinking about different things, but I act freely according to my wishes.'॥ 57॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥