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mahabharat 12.349.22: ब्रह्माजी की यह बात सुनकर बुद्धिमान देवताओं में श्रेष्ठ भगवान विष्णु अदृश्य हो गए और बुद्धि का चिंतन करने लगे॥22॥   |   mahabharat अध्याय 12.349: व्यासजीका सृष्टिके प्रारम्भमें भगवान् नारायणके अंशसे सरस्वतीपुत्र अपान्तरतमाके रूपमें जन्म होनेकी और उनके प्रभावकी कथा   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 349: व्यासजीका सृष्टिके प्रारम्भमें भगवान् नारायणके अंशसे सरस्वतीपुत्र अपान्तरतमाके रूपमें जन्म होनेकी और उनके प्रभावकी कथा  »  श्लोक 22
 
 
श्लोक  12.349.22 
स एवमुक्तो भगवान् भूत्वाथान्तर्हितस्तत:।
चिन्तयामास देवेशो बुद्धिं बुद्धिमतां वर:॥ २२॥
 
 
अनुवाद
ब्रह्माजी की यह बात सुनकर बुद्धिमान देवताओं में श्रेष्ठ भगवान विष्णु अदृश्य हो गए और बुद्धि का चिंतन करने लगे॥22॥
 
On hearing this from Brahmaji, Lord Vishnu, the best among the intelligent gods, became invisible and contemplated the intellect. 22॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)