Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.349.1: जनमेजय ने पूछा- ब्रह्मर्षे! वेदों के सांख्य, योग, पांचरात्र और आरण्यकभाग- ये चार प्रकार के ज्ञान सम्पूर्ण जगत् में प्रचलित हैं। 1॥ | mahabharat अध्याय 12.349: व्यासजीका सृष्टिके प्रारम्भमें भगवान् नारायणके अंशसे सरस्वतीपुत्र अपान्तरतमाके रूपमें जन्म होनेकी और उनके प्रभावकी कथा । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जनमेजय ने पूछा- ब्रह्मर्षे! वेदों के सांख्य, योग, पांचरात्र और आरण्यकभाग- ये चार प्रकार के ज्ञान सम्पूर्ण जगत् में प्रचलित हैं। 1॥
Janamejaya asked – Brahmarshe! Sankhya, Yoga, Pancharatra and Aranyakabhaga of Vedas – these four types of knowledge are prevalent in the entire world. 1॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥