मनीषिणो हि ये केचिद् यतयो मोक्षधर्मिण:।
तेषां विच्छिन्नतृष्णानां योगक्षेमवहो हरि:॥ ७२॥
अनुवाद
जो मोक्षमार्ग में दृढ़ रहते हैं और जिनकी तृष्णा सर्वथा नष्ट हो गई है, उन समस्त मुनियों के योग-कल्याण का भार स्वयं भगवान नारायण ही वहन करते हैं ॥72॥
Lord Narayana himself bears the burden of the yoga-welfare of all those sages who remain steadfast in the path of salvation and whose thirst has been completely destroyed. 72॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥