Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.348.59: राजन! पाँचों इन्द्रियों को प्रेरित करने वाला प्रसिद्ध मन भी श्री हरि ही हैं। ये बुद्धिमान श्री हरि ही सम्पूर्ण जगत के प्रेरक और रचयिता हैं।॥59॥ | mahabharat अध्याय 12.348: सात्वत-धर्मकी उपदेश-परम्परा तथा भगवान् के प्रति ऐकान्तिक भावकी महिमा । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
राजन! पाँचों इन्द्रियों को प्रेरित करने वाला प्रसिद्ध मन भी श्री हरि ही हैं। ये बुद्धिमान श्री हरि ही सम्पूर्ण जगत के प्रेरक और रचयिता हैं।॥59॥
King! The famous mind which inspires the five senses is also Shri Hari. This intelligent Shri Hari is the inspirer and creator of the entire universe. ॥ 59॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥