Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.348.50: श्रेष्ठ! इसके बाद दक्ष ने अपने ज्येष्ठ पुत्र अदिति के ज्येष्ठ पुत्र सविता को इस धर्म का उपदेश दिया। उनसे विवस्वान (सूर्य) ने इस धर्म की शिक्षा प्राप्त की। 50॥ | mahabharat अध्याय 12.348: सात्वत-धर्मकी उपदेश-परम्परा तथा भगवान् के प्रति ऐकान्तिक भावकी महिमा । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
श्रेष्ठ! इसके बाद दक्ष ने अपने ज्येष्ठ पुत्र अदिति के ज्येष्ठ पुत्र सविता को इस धर्म का उपदेश दिया। उनसे विवस्वान (सूर्य) ने इस धर्म की शिक्षा प्राप्त की। 50॥
The best! After this, Daksh preached this religion to his eldest son, Aditi's eldest son, Savita. Vivasvan (Surya) received the teachings of this religion from him. 50॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥