Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.348.38: भरत! फिर शंखपाद ने अपने पुत्र दिक्पाल सुवर्णाभ को भी इस धर्म का अध्ययन कराया। इसके बाद जब त्रेतायुग आरम्भ हुआ, तो वह धर्म पुनः लुप्त हो गया॥38॥ | mahabharat अध्याय 12.348: सात्वत-धर्मकी उपदेश-परम्परा तथा भगवान् के प्रति ऐकान्तिक भावकी महिमा । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
भरत! फिर शंखपाद ने अपने पुत्र दिक्पाल सुवर्णाभ को भी इस धर्म का अध्ययन कराया। इसके बाद जब त्रेतायुग आरम्भ हुआ, तो वह धर्म पुनः लुप्त हो गया॥38॥
Bharat! Then Shankhapad also made his son Dikpal Suvarnabh study this religion. After this, when Treta Yuga started, that religion again disappeared. ॥ 38॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥