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श्लोक  12.348.35 
तेनैवाद्येन धर्मेण ब्रह्मा लोकविसर्गकृत्।
पूजयामास देवेशं हरिं नारायणं प्रभुम्॥ ३५॥
 
 
अनुवाद
जगत के रचयिता ब्रह्मा ने उसी मूल धर्म के द्वारा सभी देवताओं के स्वामी भगवान नारायण हरि की आराधना की। 35.
 
Brahma, the creator of the world, worshipped Lord Narayana Hari, the lord of all gods, through the same original religion. 35.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)