Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.348.27-28h: कहते हैं कि जब भगवान ध्यान कर रहे थे, तब उनके दोनों कानों से एक पुरुष प्रकट हुआ। वह मनुष्य जाति का रचयिता ब्रह्मा हुआ। जगदीश्वर नारायण ने ब्रह्मा से कहा - 'पुत्र! तुम मुख से लेकर पैर तक समस्त मनुष्य जाति की रचना करो।'॥27 1/2॥ | mahabharat अध्याय 12.348: सात्वत-धर्मकी उपदेश-परम्परा तथा भगवान् के प्रति ऐकान्तिक भावकी महिमा । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
कहते हैं कि जब भगवान ध्यान कर रहे थे, तब उनके दोनों कानों से एक पुरुष प्रकट हुआ। वह मनुष्य जाति का रचयिता ब्रह्मा हुआ। जगदीश्वर नारायण ने ब्रह्मा से कहा - 'पुत्र! तुम मुख से लेकर पैर तक समस्त मनुष्य जाति की रचना करो।'॥27 1/2॥
It is said that while God was meditating, a man emerged from both his ears. He became Brahma, the creator of mankind. Jagadishwar Narayan said to Brahma - 'Son! You create all mankind from your mouth to your feet.॥ 27 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥