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श्लोक  12.348.19 
तृतीयं ब्रह्मणो जन्म यदासीद् वाचिकं महत्।
तत्रैष धर्म: सम्भूत: स्वयं नारायणान्नृप॥ १९॥
 
 
अनुवाद
महाराज! जब भगवान की वाणी से ब्रह्माजी का तीसरा महत्वपूर्ण जन्म हुआ, तब स्वयं भगवान नारायण से यह धर्म प्रकट हुआ।
 
King! When Brahmaji had his third important birth by the voice of the Lord, then this Dharma was manifested from Lord Narayana himself.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)