Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.348.17-18: नरेश्वर! तत्पश्चात् पूर्व कृतयुग में योगनिष्ठ रुद्र ने समस्त बालखिल्य ऋषियों को इस धर्म का ज्ञान कराया; तदनन्तर भगवान विष्णु की माया से वह धर्म पुनः लुप्त हो गया॥17-18॥ | mahabharat अध्याय 12.348: सात्वत-धर्मकी उपदेश-परम्परा तथा भगवान् के प्रति ऐकान्तिक भावकी महिमा । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
नरेश्वर! तत्पश्चात् पूर्व कृतयुग में योगनिष्ठ रुद्र ने समस्त बालखिल्य ऋषियों को इस धर्म का ज्ञान कराया; तदनन्तर भगवान विष्णु की माया से वह धर्म पुनः लुप्त हो गया॥17-18॥
Nareshwar! Thereafter, Yoganishtha Rudra made all the Balkhilya sages aware of this religion in the earlier Kritayuga; Thereafter, that religion again disappeared due to the illusion of Lord Vishnu. 17-18॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥