Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.348.16-17h: नरेश्वर! जब ब्रह्माजी ने अपने नेत्रों से दूसरे जन्म में जन्म लिया था, तब उन्होंने सोम से नारायणस्वरूप धर्म सुना था। राजन! भगवान ब्रह्मा ने रुद्र को इसका उपदेश दिया था। 16 1/2॥ | mahabharat अध्याय 12.348: सात्वत-धर्मकी उपदेश-परम्परा तथा भगवान् के प्रति ऐकान्तिक भावकी महिमा । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
यदासीच्चाक्षुषं जन्म द्वितीयं ब्रह्मणो नृप।
तदा पितामहेनैव सोमाद् धर्म: परिश्रुत:॥ १६॥
नारायणात्मको राजन् रुद्राय प्रददौ च तम्।
अनुवाद
नरेश्वर! जब ब्रह्माजी ने अपने नेत्रों से दूसरे जन्म में जन्म लिया था, तब उन्होंने सोम से नारायणस्वरूप धर्म सुना था। राजन! भगवान ब्रह्मा ने रुद्र को इसका उपदेश दिया था। 16 1/2॥
Nareshwar! When Brahmaji was born in the second birth of his eyes, he had heard the religion of the form of Narayana from Soma. Rajan! Lord Brahma preached this to Rudra. 16 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥