श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 348: सात्वत-धर्मकी उपदेश-परम्परा तथा भगवान् के प्रति ऐकान्तिक भावकी महिमा  »  श्लोक 11
 
 
श्लोक  12.348.11 
एतदर्थं महाराज पृष्ट: पार्थेन नारद:।
ऋषिमध्ये महाभाग: शृण्वतो: कृष्णभीष्मयो:॥ ११॥
 
 
अनुवाद
महाराज! कुन्तीपुत्र युधिष्ठिर ने ऋषियों में महाभाग नारदजी से यही प्रश्न पूछा था। उस समय श्रीकृष्ण और भीष्म भी यह बात सुन रहे थे। 11॥
 
Maharaj! Kunti's son Yudhishthir had asked the same question to Mahabhaga Naradji among the sages. At that time Shri Krishna and Bhishma were also listening to this matter. 11॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)