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mahabharat 12.347.71: इस प्रकार वेदों को पुनः लाकर तथा मधु और कैटभ का वध करके भगवान पुरुषोत्तम ने ब्रह्माजी को शोक से मुक्त किया ॥ 71॥   |   mahabharat अध्याय 12.347: हयग्रीव-अवतारकी कथा, वेदोंका उद्धार, मधुकैटभका वध तथा नारायणकी महिमाका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 347: हयग्रीव-अवतारकी कथा, वेदोंका उद्धार, मधुकैटभका वध तथा नारायणकी महिमाका वर्णन  »  श्लोक 71
 
 
श्लोक  12.347.71 
ततस्तयोर्वधेनाशु वेदापहरणेन च।
शोकापनयनं चक्रे ब्रह्मण: पुरुषोत्तम:॥ ७१॥
 
 
अनुवाद
इस प्रकार वेदों को पुनः लाकर तथा मधु और कैटभ का वध करके भगवान पुरुषोत्तम ने ब्रह्माजी को शोक से मुक्त किया ॥ 71॥
 
Thus by bringing back the Vedas and killing Madhu and Kaitabha, Lord Purushottama relieved Brahma of his grief. ॥ 71॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)