Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 12.347.69-70: तब उन दोनों राक्षसों और भगवान नारायण के बीच युद्ध शुरू हो गया। भगवान ब्रह्मा का सम्मान करने के लिए, भगवान मधुसूदन ने उन दो राक्षसों - मधु और कैटभ - का वध कर दिया, जिनके शरीर तमोगुण और रजोगुण से युक्त थे।   |   mahabharat अध्याय 12.347: हयग्रीव-अवतारकी कथा, वेदोंका उद्धार, मधुकैटभका वध तथा नारायणकी महिमाका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 347: हयग्रीव-अवतारकी कथा, वेदोंका उद्धार, मधुकैटभका वध तथा नारायणकी महिमाका वर्णन  »  श्लोक 69-70
 
 
श्लोक  12.347.69-70 
अथ युद्धं समभवत् तयोर्नारायणस्य वै॥ ६९॥
रजस्तमोविष्टतनू तावुभौ मधुकैटभौ।
ब्रह्मणोपचितिं कुर्वन् जघान मधुसूदन:॥ ७०॥
 
 
अनुवाद
तब उन दोनों राक्षसों और भगवान नारायण के बीच युद्ध शुरू हो गया। भगवान ब्रह्मा का सम्मान करने के लिए, भगवान मधुसूदन ने उन दो राक्षसों - मधु और कैटभ - का वध कर दिया, जिनके शरीर तमोगुण और रजोगुण से युक्त थे।
 
Then the war between those two demons and Lord Narayana started. To honor Lord Brahma, Lord Madhusudan killed those two demons – Madhu and Kaitabh, whose bodies were possessed by Tamoguna and Rajoguna.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)