Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.347.59: भगवान ने अपने हयग्रीव रूप को वेदों की शरण में समुद्र के उत्तर-पूर्व भाग में स्थापित किया और पुनः अपना पूर्व रूप धारण कर लिया। तब से भगवान हयग्रीव वहीं रहने लगे ॥59॥ | mahabharat अध्याय 12.347: हयग्रीव-अवतारकी कथा, वेदोंका उद्धार, मधुकैटभका वध तथा नारायणकी महिमाका वर्णन । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
भगवान ने अपने हयग्रीव रूप को वेदों की शरण में समुद्र के उत्तर-पूर्व भाग में स्थापित किया और पुनः अपना पूर्व रूप धारण कर लिया। तब से भगवान हयग्रीव वहीं रहने लगे ॥59॥
The Lord established His Hayagriva form under the shelter of the Vedas in the north-eastern part of the ocean and again assumed his previous form. Since then Lord Hayagriva started living there. 59॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥