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mahabharat 12.347.30: सनातन वेदों का अपहरण करके वे दोनों महादैत्य उत्तर-पूर्वी समुद्र में प्रविष्ट हो गए और तुरंत ही रसातल में पहुँच गए ॥30॥   |   mahabharat अध्याय 12.347: हयग्रीव-अवतारकी कथा, वेदोंका उद्धार, मधुकैटभका वध तथा नारायणकी महिमाका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 347: हयग्रीव-अवतारकी कथा, वेदोंका उद्धार, मधुकैटभका वध तथा नारायणकी महिमाका वर्णन  »  श्लोक 30
 
 
श्लोक  12.347.30 
अथ तौ दानवश्रेष्ठौ वेदान् गृह्य सनातनान्।
रसां विविशतुस्तूर्णमुदक्पूर्वे महोदधौ॥ ३०॥
 
 
अनुवाद
सनातन वेदों का अपहरण करके वे दोनों महादैत्य उत्तर-पूर्वी समुद्र में प्रविष्ट हो गए और तुरंत ही रसातल में पहुँच गए ॥30॥
 
After kidnapping the eternal Vedas, those two great demons entered the north-eastern ocean and immediately reached the abyss. 30॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)