Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.347.12-13h: विराट् रूप भगवान नारायण इस जगत के ईश्वर और रचयिता हैं, वे समस्त प्राणियों के अन्तर्यामी, वरदाता, सगुण और निर्गुण स्वरूप हैं। 12 1/2॥ | mahabharat अध्याय 12.347: हयग्रीव-अवतारकी कथा, वेदोंका उद्धार, मधुकैटभका वध तथा नारायणकी महिमाका वर्णन । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
विराट् रूप भगवान नारायण इस जगत के ईश्वर और रचयिता हैं, वे समस्त प्राणियों के अन्तर्यामी, वरदाता, सगुण और निर्गुण स्वरूप हैं। 12 1/2॥
Lord Narayana, the great form, is the God and creator of this world, He is the inner soul of all living beings, the giver of blessings, the form of sagun and nirgun. 12 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥