Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 12.345.9: देवतागण वेदों का ज्ञान भूल गए थे; तब उनके पुत्रों ने उन्हें वेदशास्त्रों की शिक्षा दी। इससे मन्त्र देने वाले पुत्रों को पिता का पद प्राप्त हुआ॥9॥   |   mahabharat अध्याय 12.345: भगवान् वराहके द्वारा पितरोंके पूजनकी मर्यादाका स्थापित होना   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 345: भगवान् वराहके द्वारा पितरोंके पूजनकी मर्यादाका स्थापित होना  »  श्लोक 9
 
 
श्लोक  12.345.9 
वेदश्रुति: प्रणष्टा च पुनरध्यापिता सुतै:।
ततस्ते मन्त्रदा: पुत्रा: पितृत्वमुपपेदिरे॥ ९॥
 
 
अनुवाद
देवतागण वेदों का ज्ञान भूल गए थे; तब उनके पुत्रों ने उन्हें वेदशास्त्रों की शिक्षा दी। इससे मन्त्र देने वाले पुत्रों को पिता का पद प्राप्त हुआ॥9॥
 
The gods had forgotten the knowledge of Vedas; then their sons taught them the Vedic scriptures. Due to this, the sons who give mantras attained the status of a father.॥ 9॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)