Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.345.25: ब्रह्मन्! यह भगवान द्वारा ही निर्धारित की गई सीमा है। इस प्रकार पितरों को पिंड संज्ञा प्राप्त हुई है। भगवान वराह के कथनानुसार वे पितरों को सदैव सभी से पूजा प्राप्त होती है। 25॥ | mahabharat अध्याय 12.345: भगवान् वराहके द्वारा पितरोंके पूजनकी मर्यादाका स्थापित होना । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
ब्रह्मन्! यह भगवान द्वारा ही निर्धारित की गई सीमा है। इस प्रकार पितरों को पिंड संज्ञा प्राप्त हुई है। भगवान वराह के कथनानुसार वे पितरों को सदैव सभी से पूजा प्राप्त होती है। 25॥
Brahman! This is the limit set by God itself. In this way the ancestors have received Pinda Sangya. According to the statement of Lord Varaha, those ancestors always receive worship from everyone. 25॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥