Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 12.344.1: नर-नारायण बोले - नारद! श्वेतद्वीप जाकर साक्षात् भगवान के दर्शन करके आप धन्य हो गए। वास्तव में भगवान ने आप पर बड़ी कृपा की है। आपके अतिरिक्त किसी और ने, यहाँ तक कि कमलनेत्र ब्रह्माजी ने भी, भगवान को इस प्रकार नहीं देखा था। 1॥   |   mahabharat अध्याय 12.344: नर-नारायणका नारदजीकी प्रशंसा करते हुए उन्हें भगवान् वासुदेवका माहात्म्य बतलाना   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 344: नर-नारायणका नारदजीकी प्रशंसा करते हुए उन्हें भगवान् वासुदेवका माहात्म्य बतलाना  »  श्लोक 1
 
 
श्लोक  12.344.1 
नरनारायणावूचतु:
धन्योऽस्यनुगृहीतोऽसि यत् ते दृष्ट: स्वयं प्रभु:।
न हि तं दृष्टवान् कश्चित् पद्मयोनिरपि स्वयम्॥ १॥
 
 
अनुवाद
नर-नारायण बोले - नारद! श्वेतद्वीप जाकर साक्षात् भगवान के दर्शन करके आप धन्य हो गए। वास्तव में भगवान ने आप पर बड़ी कृपा की है। आपके अतिरिक्त किसी और ने, यहाँ तक कि कमलनेत्र ब्रह्माजी ने भी, भगवान को इस प्रकार नहीं देखा था। 1॥
 
Nar-Narayan said – Narad! You became blessed by going to Shwetdweep and seeing God in person. In fact, God has greatly blessed you. Apart from you, no one else, not even the lotus-eyed Brahmaji, had seen God like this. 1॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)