श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 343: जनमेजयका प्रश्न, देवर्षि नारदका श्वेतद्वीपसे लौटकर नर-नारायणके पास जाना और उनके पूछनेपर उनसे वहाँके महत्त्वपूर्ण दृश्यका वर्णन करना  »  श्लोक 9-10h
 
 
श्लोक  12.343.9-10h 
जनमेजय उवाच
श्वेतद्वीपान्निवृत्तेन नारदेन सुरर्षिणा॥ ९॥
ध्यायता भगवद्वाक्यं चेष्टितं किमत: परम्।
 
 
अनुवाद
जनमेजय बोले - हे प्रभु! भगवान नारायण के वचनों पर विचार करके जब नारद मुनि श्वेतद्वीप से लौटे, तब उन्होंने क्या किया?॥9 1/2॥
 
Janamejaya said - O Lord! After pondering over the words of Lord Narayana, when sage Narada returned from Swetadvipa, what did he do after that?॥9 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)