Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.343.53: वहाँ चन्द्रमा के समान गौर वर्ण वाले वे पुरुष सभी पाँचों इन्द्रियों से रहित अर्थात् पाँच भौतिक शरीरों से रहित, ज्ञानी और परम पुरुष श्री विष्णु के भक्त थे ॥53॥ | mahabharat अध्याय 12.343: जनमेजयका प्रश्न, देवर्षि नारदका श्वेतद्वीपसे लौटकर नर-नारायणके पास जाना और उनके पूछनेपर उनसे वहाँके महत्त्वपूर्ण दृश्यका वर्णन करना । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तत्र ये पुरुषा: श्वेता: पञ्चेन्द्रियविवर्जिता:।
प्रतिबुद्धाश्च ते सर्वे भक्ताश्च पुरुषोत्तमम्॥ ५३॥
अनुवाद
वहाँ चन्द्रमा के समान गौर वर्ण वाले वे पुरुष सभी पाँचों इन्द्रियों से रहित अर्थात् पाँच भौतिक शरीरों से रहित, ज्ञानी और परम पुरुष श्री विष्णु के भक्त थे ॥53॥
There, those men of fair complexion like the moon, all of them were devoid of all the five senses i.e. void of the five physical bodies, knowledgeable and devotees of the most supreme being Shri Vishnu. 53॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥