Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.343.52: उन भगवान श्रीहरि ने मुझे सम्पूर्ण धर्म समझाया था। उन्होंने मुझे क्षेत्रज्ञ से भी परिचित कराया था और भविष्य में यहाँ जन्म लेने वाले अवतारों के विषय में भी बताया था ॥ 52॥ | mahabharat अध्याय 12.343: जनमेजयका प्रश्न, देवर्षि नारदका श्वेतद्वीपसे लौटकर नर-नारायणके पास जाना और उनके पूछनेपर उनसे वहाँके महत्त्वपूर्ण दृश्यका वर्णन करना । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तेन मे कथित: कृत्स्नो धर्म: क्षेत्रज्ञसंज्ञित:।
प्रादुर्भावाश्च कथिता भविष्या इह ये यथा॥ ५२॥
अनुवाद
उन भगवान श्रीहरि ने मुझे सम्पूर्ण धर्म समझाया था। उन्होंने मुझे क्षेत्रज्ञ से भी परिचित कराया था और भविष्य में यहाँ जन्म लेने वाले अवतारों के विषय में भी बताया था ॥ 52॥
That Lord Shri Hari had explained the entire Dharma to me. He had also introduced me to Kshetrajna and had also told me about the incarnations that would be born here in the future. ॥ 52॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥