श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 343: जनमेजयका प्रश्न, देवर्षि नारदका श्वेतद्वीपसे लौटकर नर-नारायणके पास जाना और उनके पूछनेपर उनसे वहाँके महत्त्वपूर्ण दृश्यका वर्णन करना  »  श्लोक 46-47h
 
 
श्लोक  12.343.46-47h 
नरनारायणावूचतु:
अपीदानीं स भगवान् परमात्मा सनातन:॥ ४६॥
श्वेतद्वीपे त्वया दृष्ट आवयो: प्रकृति: परा।
 
 
अनुवाद
नर-नारायण बोले- देवर्ष! क्या आपने इस समय श्वेतद्वीप में जाकर हम दोनों के परम कारण सनातन परमात्मा का दर्शन किया है? 46 1/2॥
 
Nar-Narayan said-Devarsha! Have you at this time gone to Shwetdweep and had the darshan of the Eternal Supreme Soul, the ultimate cause of both of us? 46 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)