Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 12.343.34: वहाँ उन्होंने दो प्राचीन देवताओं, महान ऋषियों नर और नारायण को देखा, जो आत्मकेंद्रित थे और एक महान व्रत लेकर कठोर तपस्या कर रहे थे।   |   mahabharat अध्याय 12.343: जनमेजयका प्रश्न, देवर्षि नारदका श्वेतद्वीपसे लौटकर नर-नारायणके पास जाना और उनके पूछनेपर उनसे वहाँके महत्त्वपूर्ण दृश्यका वर्णन करना   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 343: जनमेजयका प्रश्न, देवर्षि नारदका श्वेतद्वीपसे लौटकर नर-नारायणके पास जाना और उनके पूछनेपर उनसे वहाँके महत्त्वपूर्ण दृश्यका वर्णन करना  »  श्लोक 34
 
 
श्लोक  12.343.34 
तत: स ददृशे देवौ पुराणावृषिसत्तमौ।
तपश्चरन्तौ सुमहदात्मनिष्ठौ महाव्रतौ॥ ३४॥
 
 
अनुवाद
वहाँ उन्होंने दो प्राचीन देवताओं, महान ऋषियों नर और नारायण को देखा, जो आत्मकेंद्रित थे और एक महान व्रत लेकर कठोर तपस्या कर रहे थे।
 
There he saw the two ancient deities, the great sages Nara and Narayana, who, being self-centered, were performing severe penance by taking a great vow.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)