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mahabharat 12.343.33: तत्पश्चात् वे मेरे पास से गन्धमादन पर्वत की ओर चले और तुरंत ही बदरीविशाल तीर्थ के निकट आकाश से उतर आये ॥33॥   |   mahabharat अध्याय 12.343: जनमेजयका प्रश्न, देवर्षि नारदका श्वेतद्वीपसे लौटकर नर-नारायणके पास जाना और उनके पूछनेपर उनसे वहाँके महत्त्वपूर्ण दृश्यका वर्णन करना   ।   mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 343: जनमेजयका प्रश्न, देवर्षि नारदका श्वेतद्वीपसे लौटकर नर-नारायणके पास जाना और उनके पूछनेपर उनसे वहाँके महत्त्वपूर्ण दृश्यका वर्णन करना  »  श्लोक 33
 
 
श्लोक  12.343.33 
मेरो: प्रचक्राम तत: पर्वतं गन्धमादनम्।
निपपात च खात् तूर्णं विशालां बदरीमनु॥ ३३॥
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात् वे मेरे पास से गन्धमादन पर्वत की ओर चले और तुरंत ही बदरीविशाल तीर्थ के निकट आकाश से उतर आये ॥33॥
 
Thereafter, he moved towards Mount Gandhamadan from me and immediately descended from the sky near Badari Vishal Tirtha. 33॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)