श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 343: जनमेजयका प्रश्न, देवर्षि नारदका श्वेतद्वीपसे लौटकर नर-नारायणके पास जाना और उनके पूछनेपर उनसे वहाँके महत्त्वपूर्ण दृश्यका वर्णन करना  »  श्लोक 19
 
 
श्लोक  12.343.19 
न चित्रं कृतवांस्तत्र यदार्यो मे धनंजय:।
वासुदेवसहायो य: प्राप्तवाञ्जयमुत्तमम्॥ १९॥
 
 
अनुवाद
मेरे दादा अर्जुन ने भगवान वासुदेव की सहायता से महान विजय प्राप्त की थी; किन्तु उन्होंने वहाँ कोई असाधारण कार्य नहीं किया था।
 
My grandfather Arjuna achieved a great victory with the help of Lord Vasudeva; but he did not perform any extraordinary deed there.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)