श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 343: जनमेजयका प्रश्न, देवर्षि नारदका श्वेतद्वीपसे लौटकर नर-नारायणके पास जाना और उनके पूछनेपर उनसे वहाँके महत्त्वपूर्ण दृश्यका वर्णन करना  »  श्लोक 14
 
 
श्लोक  12.343.14 
तपोनिधे त्वयोक्तं हि नारायणकथाश्रयम्।
स ईशो भगवान् देव: सर्वभूतात्मभावन:॥ १४॥
 
 
अनुवाद
तपोनिधि! भगवान नारायण की कथा के सम्बन्ध में आपने जो कुछ कहा है, वही इस ग्रन्थ का सार है। सबके ईश्वर भगवान नारायण ही समस्त प्राणियों के रचयिता हैं।॥14॥
 
Taponidhi! All the things you have said related to the story of Lord Narayana are the essence of this book. Lord Narayana, the God of all, is the creator of all beings. ॥ 14॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)