Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 12.342.93: इसी प्रकार जब गौर ने वराह रूप धारण किया, तब उसके शरीर में तीन ककुद् (ऊँचे स्थान) हो गए; इसीलिए मेरे शरीर के माप के कारण मैं 'त्रिकुद्' नाम से प्रसिद्ध हुआ ॥93॥ | mahabharat अध्याय 12.342: सृष्टिकी प्रारम्भिक अवस्थाका वर्णन, ब्राह्मणोंकी महिमा बतानेवाली अनेक प्रकारकी संक्षिप्त कथाओंका उल्लेख, भगवन्नामोंके हेतु तथारुद्रके साथ होनेवाले युद्धमें नारायणकी विजय । mahabharat पर्व 12: शान्ति पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
इसी प्रकार जब गौर ने वराह रूप धारण किया, तब उसके शरीर में तीन ककुद् (ऊँचे स्थान) हो गए; इसीलिए मेरे शरीर के माप के कारण मैं 'त्रिकुद्' नाम से प्रसिद्ध हुआ ॥93॥
Similarly, when Gaur assumed the form of Varaha, there were three Kakud (high places) in his body; That's why I became famous by the name 'Trikkud' due to the measurement of my body. 93॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥