श्री महाभारत  »  पर्व 12: शान्ति पर्व  »  अध्याय 342: सृष्टिकी प्रारम्भिक अवस्थाका वर्णन, ब्राह्मणोंकी महिमा बतानेवाली अनेक प्रकारकी संक्षिप्त कथाओंका उल्लेख, भगवन्नामोंके हेतु तथारुद्रके साथ होनेवाले युद्धमें नारायणकी विजय  »  श्लोक 65
 
 
श्लोक  12.342.65 
यदेतद् ब्रह्माग्नीषोमीयं तेन जगद् धार्यते॥ ६५॥
 
 
अनुवाद
जो ब्रह्म अग्नि और सोम से संबंधित है, उसी से सम्पूर्ण जगत् स्थित है ॥65॥
 
The Brahman which is related to Agni and Soma, by him the entire universe is sustained. ॥ 65॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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